सुधीर विद्यार्थी के '(मेरे) हिस्से का शहर'
स्नान का फल : एक पुनर्मूल्यन
 मुमुक्षु
काश होती कमीज पर कविता- शिव शंकर मिश्र
हजारों गद्य-कविताओं का कोलाज रचतीं  बहुविमर्शी कहानियाँ...
'सतगुर हमसूँ रीझि करि', सन्दर्भ : प्रो0 रामनारायण शुक्ल
मुनुआ की वीरगति
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