आख्यान
कुछ शब्दचित्र हैं यहाँ। विकास की अन्धी दौड़ में ये हाशिये की आख्यायें हैं और आख्यान भी!
पुस्तक समीक्षा सुधीर विद्यार्थी के '(मेरे) हिस्से का शहर' अन्धाधुन्ध विकास और भूमण्डलीकरण के नाम पर स्थानीयताओं…
Read more »स्नान का फल : एक पुनर्मूल्यन पाण्डेय बेचन शर्मा 'उग्र' के साहित्य की उग्रता से हिन्दी-जगत् सुपरिचित है। यह उग्र…
Read more »मुमुक्षु कई सालों तक फेरी लगाकर कपड़े बेचते-बेचते खूब पैसा कमा लेने पर भी जब रामलाल का ब्याह नहीं हुआ, तो उन्होंने ज्ञ…
Read more »📖 'काश होती कमीज पर कविता' शिव शंकर मिश्र का कहानी संग्रह 🌟 पुस्तक परिचय 'काश होती कमीज पर कविता'…
Read more »शिवशंकर मिश्र का 'अन्तिम उच्चारण' - रामप्रकाश कुशवाहा पुस्तक - अंतिम उच्चारण (कहानी संग्रह), कहानीकार - शिवश…
Read more »'सतगुर हमसूँ रीझि करि', सन्दर्भ : प्रो0 रामनारायण शुक्ल वह 30 जुलाई, 1983 का दिन था, जब मैं पी.एच0डी0 में प्रवे…
Read more »मुनुआ की वीरगति सुबह-सुबह गाँव में बमचख मच गया। मुनुआ चलते ट्रक से कूद पड़ा और नचकऊ पाँडे़ दरवाजे-दरवाजे थाली पीटकर फरिय…
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