'सतगुर हमसूँ रीझि करि', सन्दर्भ : प्रो0 रामनारायण शुक्ल वह 30 जुलाई, 1983 का दिन था, जब मैं पी.एच0डी0 में प्रवेश के लिए बी0एच0यू0 गय...
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स्मृति में कामतानाथ- शिवशंकर मिश्र
SHIV SHANKAR MISHRA
कामतानाथ जी का नाम तो पहले से सुन रखा था, कुछ कहानियाँ भी पढ़ी थीं, पर मिलना काफी बाद में हुआ- दुधवा नेशनल पार्क में आयोजित ...
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स्मृति में गोरख - शिवशंकर मिश्र
SHIV SHANKAR MISHRA
शायद वह सन् अस्सी की गर्मियों की कोई दोपहर थी, जब मैं पहली बार दिल्ली पहुंचा- उन दिनों चलने वाली अपर इंडिया एक्सप्रेस से। पूरे महानगर म...
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